गाइड
वैदिक ज्योतिष की गाइड
हर Oracular रिपोर्ट के पीछे के विचारों की सरल भाषा में व्याख्या — उनका अर्थ क्या है, जन्म कुंडली से उन्हें कैसे निकाला जाता है, और वे क्या बता सकते हैं और क्या नहीं।
आपकी जन्म कुंडली
- कुंडली कैसे पढ़ें: भाव, योग, दशा और उनका अर्थ
वैदिक जन्म कुंडली को सही ढंग से पढ़ने की सरल मार्गदर्शिका, लग्न और बारह भावों से लेकर योग, ग्रह बल और विंशोत्तरी दशा की समयरेखा तक।
- वैदिक ज्योतिष में करियर: दशम भाव, D10 कुंडली और सही समय
वैदिक ज्योतिष दशम भाव, दशमांश (D10) कुंडली और अमात्य कारक से आपका करियर कैसे पढ़ता है, और दशा बदलाव का समय कैसे बताती है।
- कुंडली में प्रेम और विवाह: शुक्र, सप्तम भाव और नवांश
वैदिक ज्योतिष शुक्र, चंद्रमा, सप्तम भाव और नवांश से प्रेम व विवाह कैसे पढ़ता है, साथ में मांगलिक और समय पर एक ईमानदार नज़र।
- वैदिक ज्योतिष में भाग्य: नवम भाव, पूर्व पुण्य और सही समय
वैदिक ज्योतिष में भाग्य का क्या अर्थ है, नवम और पंचम भाव, नवांश और गुरु आपके भाग्य को कैसे दिखाते हैं, और उसका समय कैसे पढ़ा जाता है।
- वैदिक ज्योतिष से 5 वर्ष का पूर्वानुमान: दशा, गोचर और भाग्य
वैदिक ज्योतिषी आपकी दशा अवधियों और गुरु व शनि के गोचर से, कुंडली के भाग्य के आधार पर, कई वर्षों का पूर्वानुमान कैसे बनाते हैं।
- वैदिक ज्योतिष में धन योग: धन के योग, भाव और सही समय
धन, राज और विपरीत राज योग क्या हैं, ये भावेशों से कैसे बनते हैं, और वैदिक ज्योतिष कुंडली में धन और उसके समय को कैसे पढ़ता है।
- लाल किताब: पक्का घर, ग्रहों के ऋण और सरल उपाय की पूरी जानकारी
लाल किताब अपनी स्थिर भाव पद्धति पर कुंडली कैसे पढ़ती है, पक्का घर और ऋण का क्या अर्थ है, और 43 दिन के सरल उपाय पारंपरिक रूप से कैसे किए जाते हैं।
- काल सर्प और मांगलिक दोष: सही जाँच, परिहार और आम भ्रांतियाँ
काल सर्प और मांगलिक दोष वास्तव में क्या हैं, कुंडली से इनकी जाँच कैसे होती है, कौन-से परिहार लागू होते हैं, और ये आपके लिए क्या मायने रखते हैं।
रिश्ते
- विवाह के लिए कुंडली मिलान: गुण मिलान, अष्टकूट और उससे आगे
कुंडली मिलान कैसे होता है, 36 गुणों का स्कोर आठ कूटों में क्या मापता है, और विवाह अनुकूलता का पूरा विश्लेषण स्कोर से आगे क्या जोड़ता है।
- कपल कुंडली: रिश्ते में दो कुंडलियाँ एक-दूसरे पर कैसे असर डालती हैं
साथ रह रहे जोड़े के लिए वैदिक ज्योतिष दो कुंडलियों को साथ कैसे पढ़ता है, भाव ओवरले और चंद्र से लेकर बातचीत, पैसा, परिवार और साझा समय तक।
- व्यापारिक साझेदारी और ज्योतिष: समझौते से पहले दो कुंडलियों की तुलना
वैदिक ज्योतिष दो व्यापारिक साझेदारों की तुलना कैसे करता है, नेतृत्व, जोखिम और बातचीत से लेकर अनुशासन, पैसा, भूमिकाएँ और काम शुरू करने का समय।
समय और गोचर
- 2027 राशिफल: अपनी जन्म कुंडली से अपना साल कैसे पढ़ें
2027 का वैदिक वार्षिक पूर्वानुमान दशा और वास्तविक गोचर से कैसे बनता है, 2027 के बड़े ग्रह बदलाव क्या कहते हैं, और उनके हिसाब से योजना कैसे बनाएँ।
- वर्षफल क्या है: जन्मदिन से शुरू होने वाला साल, मुन्था और उसका फल
वर्षफल क्या है, सौर प्रत्यावर्तन और मुन्था कैसे काम करते हैं, जन्मदिन-वर्ष कैलेंडर वर्ष से कैसे अलग है, और वार्षिक फल का उपयोग कैसे करें।
- वैदिक ज्योतिष में शनि गोचर: आपकी कुंडली के लिए इसका अर्थ
शनि का गोचर लग्न और चंद्र से कैसे पढ़ा जाता है, कौन-से भाव शुभ हैं, ढैया क्या है, और शनि की धीमी पर टिकाऊ सीख के साथ धैर्य से कैसे चलें।
- साढ़ेसाती: तीन चरण, उनका अर्थ और इस दौरान क्या करें
साढ़ेसाती असल में क्या है, चंद्र राशि से इसके तीन चरण कैसे तय होते हैं, 2027 में किन चंद्र राशियों के लिए यह बदलती है, और इसके साथ शांति से कैसे चलें।
- वैदिक ज्योतिष में गुरु गोचर: आपके विकास का समय कैसे पढ़ें
गुरु का गोचर लग्न और चंद्र से कैसे पढ़ा जाता है, कौन-से भाव शुभ हैं, गुरु–शनि का दोहरा गोचर कैसे काम करता है, और हर अवसर का उपयोग कैसे करें।
- राहु–केतु गोचर: छाया ग्रह आपकी कुंडली से कैसे गुज़रते हैं
राहु और केतु क्या हैं, लग्न और चंद्र से उनका गोचर कैसे पढ़ा जाता है, आपकी जन्म की राहु–केतु धुरी का अर्थ क्या है, और काल सर्प असल में कैसे जाँचा जाता है।
नाम
- नक्षत्र से शिशु का नाम कैसे चुनें: नामाक्षर, अर्थ और नामांक
शिशु के चंद्र नक्षत्र और पद से पारंपरिक नामाक्षर कैसे मिलता है, कैल्डियन नामांक कैसे निकलता है, और ऐसा नाम कैसे चुनें जो आपको सचमुच पसंद हो।
- अंक ज्योतिष से नाम सुधार: यह कैसे काम करता है और कब मदद करता है
कैल्डियन नाम अंक ज्योतिष कैसे काम करता है, नामांक को मूलांक और भाग्यांक से कैसे मिलाया जाता है, और वर्तनी बदलने पर कब विचार करना उचित है।
बच्चों के लिए
- जन्म कुंडली में आपके बच्चे का स्वभाव और प्रतिभा
वैदिक ज्योतिष बच्चे के स्वभाव और स्वाभाविक खूबियों को कैसे पढ़ता है, यह क्या कह सकता है और क्या नहीं, और परवरिश में इसे सौम्य दृष्टि की तरह कैसे अपनाएँ।
- कक्षा 10 के बाद स्ट्रीम का चुनाव: किशोर की कुंडली क्या दिखाती है
वैदिक ज्योतिष किशोर की विज्ञान, वाणिज्य, मानविकी और अन्य स्ट्रीम के प्रति रुचि-क्षमता कैसे पढ़ता है, और इसे फ़ैसला बनाए बिना कैसे उपयोग करें।
- बच्चे की दशाएँ: जन्म से 18 वर्ष तक के वर्षों का नक्शा
विंशोत्तरी दशा बचपन को चरणों में कैसे बाँटती है, हर चरण माता-पिता को क्या बता सकता है और क्या नहीं, और समयरेखा से सौम्य योजना कैसे बनाएँ।
- वैदिक ज्योतिष में माता-पिता और बच्चे की अनुकूलता, सरल शब्दों में
वैदिक ज्योतिष माता-पिता और बच्चे की कुंडली की तुलना कैसे करता है, रोज़ का टकराव अक्सर स्वभावगत क्यों होता है, और किसी को दोष दिए बिना कैसे बदलाव करें।
- वैदिक ज्योतिष में भाई-बहन का रिश्ता: दो कुंडलियाँ साथ पढ़ना
वैदिक ज्योतिष तृतीय और एकादश भाव तथा दो कुंडलियों की तुलना से भाई-बहन को कैसे पढ़ता है, और माता-पिता किसी बच्चे को कम-ज़्यादा आँके बिना होड़ कैसे घटाएँ।